12वीं के बाद क्या करें साइंस के बच्चे 2023 में | 12th ke Baad kay kare Science student 2023
12th ke Baad kay kare Science student 2023 :- 12वीं पास करने के बाद हर बच्चे के मन में चाहे वह लड़का हो या लड़की सबके मन में यही ख्याल आता है कि हमें बारहवीं के बाद क्या करना चाहिए क्या हमें 12वीं के बाद जॉब करनी चाहिए और जो भी कौन सी करनी चाहिए जिसमें ज्यादा सैलरी मिले ,सब बच्चों के मन में यही सवाल आता है कि 12th ke Baad kay kare Science student जिससे वो एक बेहतर करियर बना सके, और अपने जीवन में कामयाबी जल्दी प्राप्त कर ले |
वैसे तो बारहवीं पास करना एक बड़ा अचीवमेंट होता है। लेकिन सही मायनों में स्टूडेंट्स की असली परीक्षा तो यहीं से शुरु होती है। क्योंकि बारहवीं के बाद सही कैरियर का चुनाव करना सबसे मुश्किल होता है। हर बच्चे के पास अपने अपने ऑप्शन होते हैं की उन्हें आगे किसमें अपना करियर बनाना है ,लेकिन कुछ बच्चों को अपना ऑप्शन समझ नहीं आता है कि उन्हें आगे क्या करना है जिससे वह भी जल्दी ही कामयाबी प्राप्त कर ले | 12वीं पास करने के बाद छात्र अपने करियर के प्रति अधिक चिंतित होते हैं। क्योंकि यह उनके करियर का पहला स्टेप होता है। इसलिए किसी भी स्ट्रीम के छात्रों को बहुत ही सोच समझकर डिसीजन लेना होता है। हमने इस लेख में 12 वीं साइंस के बाद सरकारी नौकरी करें या फिर जॉब ओरिएंटेड डिप्लोमा, डिग्री कोर्स, जिसके बाद उच्च सैलरी वाली नौकरी या बेहतरीन करियर बना सके। 12वीं Science के बाद कौन सा कोर्स करें? और अगर आप नौकरी करना चाहे, तो कौन सी नौकरी के लिए आवेदन करें? इस प्रकार 12th Science Ke Baad Government Job और बेस्ट कोर्स आदि के बारे में जानकारी दी गई है। कृपया आपसे हम विनती करते हैं कि आप इस लेख को ध्यान पूर्वक पूरा पढ़ें जिससे आपको 12वीं साइंस के बाद क्या करें से जुड़ी समस्त जानकारी प्राप्त हो सके |
12th ke Baad kay kare Science student 2023
12th science के बाद सब बच्चे यह सोचते हैं की हम सिर्फ डॉक्टर या इंजीनियर ही हमारे पास कैरियर दो ही ऑप्शन है , लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है | आपके पास इनके अलावा भी अन्य विकल्प भी है, जिसमें आप अपना करियर बना सकते हैं, अगर देखा जाए तो 12th Science ( PCM , PCB or PCMB ) पास करके आए स्टूडेंट के पास देखा जाए तो आगे की पढ़ाई करने के लिए काफी विकल्प होते हैं सभी स्टूडेंट सारे कोर्स नहीं कर सकता है
उन्हें बस एक ही कोर्स करना होता है और वह कोर्स भी उन्हें वह करना चाहिए जो उन्हें पसंद हो या जिसमें उनकी रूचि अच्छी हो जिस वह भविष्य बनाना चाहते हो उन बच्चों को वही विकल्प चुनना चाहिए | अगर आप या आपके परिवार में साइंस के स्टूडेंट हैं और 12वीं कर रहे हैं ,या कर चुके हैं और आगे भविष्य की चिंता कर रहे हैं, तो निश्चिंत हो जाइए क्योंकि इस आर्टिकल में आप जानेंगे 12th साइंस के बाद क्या करें साइंस के स्टूडेंट्स 12वीं के बाद क्या करें ?
12th Ke Baad Kya Kare Science Student PCM (Maths) वाले छात्रों के लिए कुछ करियर ऑप्शंस:-
1.आप B.Sc.(Math) कर सकते हैं -
हम आपको बता दें B.Sc. (Mathematics) एक ग्रेजुएशन स्तरीय कोर्स है जो कि विज्ञान में संख्या, संरेखाएँ, संगणकीय विज्ञान, गणितीय तर्क, विभाजन और विभिन्न गणितीय मॉडलों के साथ संबंधित विषयों का अध्ययन करता है। इस कोर्स के माध्यम से छात्रों को गणितीय सोच, समस्या समाधान कौशल और अन्य गणितीय विषयों की समझ विकसित करने का अवसर मिलता है। यह कोर्स छात्रों को विभिन्न क्षेत्रों में रिसर्च, शिक्षण, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और सरकारी नौकरियों के लिए तैयार कर सकता है। B.Sc. करने के बाद अगर आप M.Sc. भी कर लेते है (जो की एक मास्टर डिग्री है) तो आप किसी अच्छे संसथान में या किसी कॉलेज में प्रोफेसर, शिक्षक या व्याख्यान बन सकते है अगर आप bsc करते है तो आपको scientist ,scientific assistant ,टीचर,केमिस्ट researcher इत्यादि के क्षेत्रों में जॉब के बेहतर ऑप्शन मिलते है। जो लोग रिसर्च के काम में रूचि रखते है वो भी B.Sc.का कोर्स कर सकते है। bsc की पूरी फीस 1.5 से 2 लाख रुपए निर्धारित है।
2.आप Engineering कर सकते हैं -
अगर आपकी रुचि इंजीनियरिंग में है, तो आप इंजीनियरिंग क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं। इंजीनियरिंग कई विभिन्न शाखाओं में उपलब्ध है। आप अपनी रुचि और प्राथमिकताओं के आधार पर निम्नलिखित कुछ प्रमुख शाखाओं में से चुन सकते हैं:-
मैकेनिकल इंजीनियरिंग: यह शाखा मशीनों, यांत्रिकी, उपकरणों और उत्पादों के डिज़ाइन, विकास और निर्माण के संबंध में काम करती है।
सिविल इंजीनियरिंग: यह शाखा इमारती और संरचनाओं के निर्माण, डिज़ाइन, और रचना के संबंध में काम करती है।
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग: यह शाखा विद्युत् उपकरणों, बिजली संरचना, और विद्युत् नेटवर्किंग के क्षेत्र में काम करती है।
कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग: यह शाखा कंप्यूटर प्रोग्रामिंग, सॉफ्टवेयर डिज़ाइन, नेटवर्किंग, डेटा संरचना, और सुरक्षा के क्षेत्र में काम करती है।
3.आप B.C.A कर सकते हैं ( Bachelor degree in the computer):-
बीसीए (B.C.A.) एक बैचलर ऑफ़ कंप्यूटर एप्लीकेशन्स है जो कंप्यूटर विज्ञान के क्षेत्र में स्नातक का उपाधि है। इस कोर्स में, छात्रों को कंप्यूटर प्रोग्रामिंग, सॉफ़्टवेयर डेवलपमेंट, डेटाबेस मैनेजमेंट, कंप्यूटर नेटवर्किंग, वेब डेवलपमेंट, और कंप्यूटर एप्लीकेशन्स के अन्य पहलुओं की जानकारी प्रदान की जाती है। यह कोर्स छात्रों को कंप्यूटर साइंस और सॉफ़्टवेयर डेवलपमेंट क्षेत्र में करियर बनाने के लिए तैयार करता है। छात्र इंडस्ट्री में सॉफ़्टवेयर डेवलपर, वेब डेवलपर, सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर, डेटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर, और कंप्यूटर नेटवर्किंग विशेषज्ञ के रूप में नौकरियां प्राप्त कर सकते हैं। BCA करने के बाद आप किसी अच्छी IT कंपनी में जॉब कर सकते है और अगर आप BCA के बाद पोस्ट ग्रेजुएट MCA भी कर लेंगे तो कंप्यूटर की फील्ड में एक अच्छा करियर बना सकते है तथा उच्च वेतन की नौकरी भी मिल सकती है I
4. आप ( Commercial Pilot ) कर सकते हैं :-
कमर्शियल पायलट (Commercial Pilot) एक उच्चतम स्तर का विमानन प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले पायलट को कहते हैं ,जो व्यापारिक उड्डयन क्षेत्र में काम करता है। ये पायलट वाणिज्यिक विमानों, हवाई टैक्सी, हवाई यात्रा, एयरक्राफ्ट चार्टर और अन्य व्यापारिक उड्डयन सेवाओं के लिए अपनी पायलट लाइसेंस का उपयोग करते हैं। यदि आप आकाश में उड़ना चाहते हैं और पायलट बनना कहते है तो यह कोर्स आपके लिए परफेक्ट है।
कमर्शियल पायलट बनने के लिए, निम्नलिखित कदम अनुसरण करने होंगे:-
शैक्षिक योग्यता: कमर्शियल पायलट बनने के लिए आपको विमानन प्रशिक्षण संस्थान से विमानन की डिग्री प्राप्त करनी होगी। इसके लिए आपको 10+2 कक्षा के साथ गणित और विज्ञान में कम से कम 50% अंक होने चाहिए।
प्रशिक्षण: आपको एक विमानन प्रशिक्षण संस्थान (Flying School) में प्रवेश लेना होगा और वहां पर विमानन प्रशिक्षण पूरा करना होगा। आपको प्रशिक्षण के दौरान उड़ानें, नैविगेशन, विमान युद्ध, एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल, और अन्य विमानन कार्यों का अभ्यास करना होगा।
लाइसेंस प्राप्ति: प्रशिक्षण पूरा होने के बाद, आपको अपनी प्रदर्शन पर आधारित दर्जा प्राप्त करना होगा, जिसके बाद आपको कमर्शियल पायलट लाइसेंस (Commercial Pilot License, CPL) के लिए आवेदन करना होगा।
रोजगार की खोज: पायलट बनने के बाद, आप विमानन कंपनियों, व्यापारिक उड्डयन सेवा प्रदाताओं, और अन्य संगठनों में रोजगार के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इसके अलावा, आपको नियमित रूप से अपडेट किए जाने वाले नियमों, दिशा-निर्देशों, और प्रतिबंधों को भी पालन करना होगा, जो विमानन निगम और सरकार द्वारा निर्धारित किए जाते हैं।
5.आप ( Bachelor of Architecture ) कर सकते हैं :-
बैचलर ऑफ़ आर्किटेक्चर (Bachelor of Architecture) एक 5 वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम है जो वास्तुकला और आर्किटेक्चर के क्षेत्र में विशेषज्ञता प्रदान करता है। इस कोर्स के माध्यम से, छात्रों को नगरीय और आवासीय इमारतों, वाणिज्यिक इमारतों, और सार्वजनिक स्थानों के निर्माण और डिजाइन की जानकारी प्राप्त होती है। 12th के बाद छात्र आर्किटेक्चर की फील्ड भी चुन सकता है। यह एक बहुत क्रिएटिव फील्ड है और इसमें बहुत अच्छा स्कोप है। इसमें बिल्डिंग डिजाइनिंग की पढ़ाई होती है।
बैचलर ऑफ़ आर्किटेक्चर कोर्स के दौरान, छात्रों को निम्नलिखित विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है:-
1. आर्किटेक्चरल डिजाइन: छात्रों को आर्किटेक्चरल डिजाइन की समझ, रचनात्मकता, और डिजाइन की प्रक्रिया को सीखाया जाता है। यह मनचित्रण, अंकन, नक्शे तैयार करने, और इमारती अवयवों के डिजाइन में माहिर बनाने का ध्यान देता है।
2. वास्तुकला: छात्रों को वास्तुकला की सिद्धांतों, स्थापत्य कला के इतिहास और विभिन्न शैलियों की जानकारी प्रदान की जाती है। वास्तुकला अवधारणाओं, सामरिकता, और इंजीनियरिंग सिद्धांतों का भी महत्वपूर्ण अंग होता है।
6.आप ( Merchant Navy ) कर सकते हैं :-
मर्चेंट नेवी (Merchant Navy) एक व्यापारिक नौसेना है ,जो समुद्री वाणिज्यिक यात्रा, माल और व्यक्तिगत यात्रा को संभालती है। यह एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है और उसका काम समुद्री नौसेना जहाजों के माध्यम से समुद्री विपणन, नौसेना व्यवसाय, विज्ञान और अन्य सम्बद्ध क्षेत्रों में किया जाता है।मर्चेंट नेवी के कोर्स में आपको काफी ऑप्शंस मिलते है जैसे, मरीन इंजीनियरिंग, नॉटिकल साइंस, शिप मेंटेनेंस कोर्स आदि। यह देश में सबसे अधिक सैलरी देने वाले कोर्सेज में से एक है। इसमें आपको कई देखो का सफर करने का मौका मिलता है तथा देश की सेवा करने का भी मौका मिलता है।
मर्चेंट नेवी में शामिल होने के लिए व्यक्ति को समुद्री नौसेना में काम करने के लिए योग्यता होनी चाहिए। यह योग्यता शिक्षा, उम्र, शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक तत्व, नौसेना द्वारा निर्धारित उच्चतम आयु सीमा, नौसेना द्वारा निर्धारित उच्चतम शारीरिक मानक आदि के आधार पर मापी जाती है। मर्चेंट नेवी के लिए शिक्षा और प्रशिक्षण के कई संगठनों द्वारा पाठ्यक्रम उपलब्ध होते हैं, जहां योग्यताओं के आधार पर छात्रों को प्रशिक्षित किया जाता है। इन पाठ्यक्रमों का माध्यमिक लक्ष्य छात्रों को समुद्री यात्रा के क्षेत्र में नौकरी प्राप्त करने के लिए तैयार करना होता है।
7. आप ( B.Pharma ) कर सकते हैं :-
बैचलर ऑफ फार्मेसी (Bachelor of Pharmacy) एक अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त डिग्री है जो औषधीय विज्ञानों और फार्मेसी में विशेषज्ञता प्रदान करती है। यह विशेषकर उन छात्रों के लिए होता है जो औषधिक उत्पादों, दवाओं, रसायनों और स्वास्थ्य सेवाओं के विकास, तैयारी, उत्पादन, विपणन और प्रबंधन के क्षेत्र में रुचि रखते हैं। बैचलर ऑफ फार्मेसी (B.Pharm) पाठ्यक्रम छात्रों को औषधिक विज्ञान, फार्माकोलॉजी, फार्मासियुटिकल केमिस्ट्री, फार्मासियुटिकल इंजीनियरिंग, दवाओं के रासायनिक और बायोलॉजिकल गुणधर्म, फार्मासियुटिकल तकनीक, फार्माकोग्नोसी, रसायनशास्त्र, नियंत्रण, फार्मासियुटिकल मार्केटिंग, औषधिक कानून, औषधीय रचनात्मकता, औषधिक सुरक्षा और गुणवत्ता, औषधिक संगठन और प्रबंधन आदि के विषयों में पूर्ण ज्ञान प्रदान करता है।
बैचलर ऑफ फार्मेसी (B.Pharm) के उत्तीर्ण छात्र बीमारियों के उपचार में सहायता करने, दवाओं के निर्माण, निर्यात, मार्केटिंग और बिक्री के क्षेत्र में नौकरी प्राप्त कर सकते हैं। उन्हें औषधिक कंपनियों, अस्पतालों, औषधालयों, फार्मासियुटिकल उत्पादन इकाइयों, खुदरा दवा कारख़ानों, शोध संस्थानों, फार्मासियुटिकल सलाहकार एजेंसियों, राष्ट्रीय औषधिक नियामक प्राधिकरणों आदि में रोजगार के अवसर मिलते हैं।
8. आप ( LLB ) कर सकते हैं :-
बैचलर ऑफ लॉ (बीएलएल) एक प्रथम स्नातक (डिग्री) है जो कानूनी शिक्षा प्रदान करती है। यह चार साल की अवधि का होता है और कई देशों में चार वर्षीय पाठ्यक्रम के रूप में भी प्रदान किया जा सकता है। यह डिग्री उन छात्रों को प्रशिक्षित करती है जो कानूनी तत्वों, कानूनी प्रक्रियाओं और विधिक न्याय के क्षेत्र में कार्य करना चाहते हैं।
बीएलएल के छात्रों को विभिन्न कानूनी विषयों के बारे में विस्तृत ज्ञान प्राप्त होता है, जैसे कि संविधानिक कानून, सिविल कानून, दण्ड प्रक्रिया, बैंकिंग कानून, व्यापारिक कानून, कानूनी अनुसंधान, विधिक प्रबंधन, साक्षात्कार, मविधिक न्याय संबंधी विषयों पर गहन अध्ययन आदि। इसके बाद, बीएलएल के पठनक्रम छात्रों को वाकील बनने के लिए पंजीकृत करने की अनुमति देता है और उन्हें विभिन्न कानूनी पदों पर रोजगार के अवसर प्रदान कर सकता है, जैसे कि वकील, सामाजिक कानूनज्ञ, कंपनी सचिव, कानूनी सलाहकार, न्यायाधीशी, अधिवक्ता आदि।
9.आप ( Animation Course) कर सकते हैं :-
12th के ठीक बाद एनीमेशन में डिग्री कोर्स एक अच्छा कदम है। एनिमेशन एक प्रक्रिया है जिसका उपयोग चित्रों को जोड़कर जीवंत और गतिशील रूप में प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है। यह कला और विज्ञान का मिश्रण है जिसमें गतिविधि, वाणिज्यिक योजनाओं, संगीत, और अभिनय के माध्यम से कहानी को दर्शाने का उपयोग किया जाता है | एनिमेशन कई रूपों में प्रस्तुत की जा सकती है, जैसे कार्टून, फिल्म, वीडियो गेम्स, विज्ञापन, एडवरचर्स, शॉर्ट फिल्में, वेब सीरीज़ और विभिन्न आधुनिक मीडिया प्लेटफॉर्मों के लिए डिजिटल कंटेंट उत्पादन।
एनिमेशन के लिए विभिन्न तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जैसे कंप्यूटर ग्राफिक्स, 2D और 3D मॉडेलिंग, रिगिंग, टेक्स्चरिंग, एनिमेशन के बाद लाइटिंग और रेंडरिंग। साथ ही, अभिनय, चित्रकला, डिजाइन प्रिंसिपल्स, स्टोरीटेलिंग, और संगीत भी महत्वपूर्ण अंग हैं जो एनिमेशन में एक मार्गदर्शक कारक की भूमिका निभाते हैं। एनीमेशन की फील्ड काफी ज्यादा क्रिएटिव और मनोरंजक फील्ड है। इसमें छात्रों को कुछ नया करने को मिलता है।
10. App Developer :-
ऐप डेवलपर एक व्यक्ति होता है जो सॉफ्टवेयर ऐप्स (एप्लिकेशन्स) विकसित करता है। वे विभिन्न प्लेटफॉर्मों (जैसे iOS, Android, वेब, डेस्कटॉप) पर ऐप्स बना सकते हैं।आप अप्प डेवलपिंग का कोर्स ज्वाइन कर के अपना करियर इस फील्ड में बना सकते है। इसमें वेतन भी बहुत ज्यादा मिलता है। एक ऐप डेवलपर के कार्य में शामिल हो सकते हैं:-
यदि आप एक ऐप विकसित करने के बारे में सोच रहे हैं, तो आपको पहले विचार करना होगा कि आप एप्लिकेशन का उद्देश्य क्या है, किस तरह के फ़ीचर्स और फ़ंक्शनालिटी को शामिल करना चाहते हैं और किस प्लेटफ़ॉर्म पर आपका ऐप उपलब्ध होना चाहिए। एक एप्लिकेशन विकसित करने के लिए आपको प्रोग्रामिंग भाषा (जैसे Java, Swift, Python आदि) और विकास टूल्स (जैसे Android Studio, Xcode, Visual Studio आदि) का उपयोग करना पड़ सकता है।
ऐप डेवलपमेंट में नौकरियां, फ्रीलांस कार्य और स्वयंसेवा मुद्राएं भी मौजूद होती हैं, तो आप विकसित करने के लिए अपनी कौशल्य सेट के आधार पर अपनी पसंद के अनुसार एक करियर पथ चुन सकते हैं।
11. आप ( LLB ) कर सकते हैं :-
LLB (बीएलबी) को लॉ बैचलर ऑफ लॉ के रूप में जाना जाता है। यह एक प्रोफेशनल लॉ कोर्स है जो कई देशों में कानूनी पढ़ाई का अधिकार देता है। LLB पाठ्यक्रम कानूनी संरचना, कानूनी प्रक्रिया, कानूनी संज्ञान और विभिन्न कानूनी क्षेत्रों के विषयों पर विवरण प्रदान करता है। एक LLB पाठ्यक्रम के दौरान आप निम्नलिखित विषयों पर अध्ययन कर सकते हैं:-
कानूनी इतिहास और संरचना
भारतीय संविधानिक व्यवस्था
न्यायिक प्रक्रिया और न्यायिक प्रणाली
साक्ष्य और साक्ष्यादान
क़ानूनी विवादों के समाधान के लिए प्रक्रिया
संबंधित कानूनी क्षेत्रों में विशेषज्ञता (जैसे निवासी कानून, वित्तीय कानून, व्यापारिक कानून, ज़मीनी कानून, आदि)
एक LLB पाठ्यक्रम के पश्चात आप वकील, सामाजिक कानूनी सलाहकार, कंपनी कानूनी सलाहकार, न्यायाधीश, अदालती अधिकारी या सरकारी सेवा में कानूनी अधिकारी बनने के लिए उच्चतर स्तरीय कोर्स या परीक्षा दे सकते हैं।
12. आप ( B.ED ) कर सकते हैं :-
B.Ed. का मतलब होता है "बैचलर ऑफ़ एजुकेशन"। यह एक स्नातक स्तर का शैक्षिक डिग्री प्रोग्राम है जिसमें व्यक्ति को शिक्षक बनने के लिए तैयार किया जाता है। B.Ed. डिग्री आम तौर पर उन लोगों के लिए आवश्यक होती है जो प्राथमिक, माध्यमिक या उच्च माध्यमिक स्तर पर शिक्षा क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। ये एक कॉमन ग्रेजुएशन कोर्स है । इसे करने के बाद आप अपने लिए टीचर का फील्ड चुन सकते है ।
अगर आप डायरेक्ट इन्टर के बाद अपने लिए b.ed करते है तो आपको 1 से 6 तक के बच्चों को बतौर टीचर पढ़ा सकते है।
12th Ke Baad Kya Kare Science Student PCM Courses List In Hindi
12वीं के बाद विज्ञान स्टूडेंट (PCM) के लिए कई कोर्सेज़ उपलब्ध होते हैं। यहां हिंदी में कुछ प्रमुख कोर्सेज़ की सूची हैं।
इंजीनियरिंग (इंजीनियरी): जैसे कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि।
चिकित्सा: जैसे कि मेडिकल (डॉक्टर), डेंटल, फार्मेसी, नर्सिंग, पैरामेडिकल कोर्सेज़ आदि।
प्राकृतिक विज्ञान: जैसे कि फिजिक्स, रसायन विज्ञान, गणित, एस्ट्रोनॉमी, अंतरिक्ष विज्ञान, जीव विज्ञान, प्राकृतिक विज्ञान आदि।
सरकारी नौकरी: जैसे कि लोक सेवा आयोग (यूपीएससी, सीजीएल, आईएएस, आईपीएस), विज्ञान संस्थानों में अनुसंधान और विकास, बीएससी (बैंक परीक्षा तैयारी) आदि।
डिज़ाइन और विज्ञान: जैसे कि आर्ट और डिज़ाइन, फैशन डिज़ाइन, इंटीरियर डिज़ाइन, ग्राफिक डिज़ाइन आदि।
12th Ke Baad Kya Kare Science Student PCB (Biology) वाले छात्रों के लिए कुछ करियर ऑप्शंस:-
बायोलॉजी छात्रों के लिए कई करियर ऑप्शन्स हो सकते हैं। यहाँ कुछ प्रमुख करियर विकल्प दिए जा रहे हैं:-
Biotechnology Engineering :
बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग एक रोमांचक करियर ऑप्शन है जो बायोलॉजी, रसायन विज्ञान और इंजीनियरिंग को मिलाकर लागू होता है। इसमें आप जीवविज्ञान, गैर-जीवविज्ञान तत्वों, रसायनिक प्रक्रियाओं और इंजीनियरिंग के तकनीकी माध्यम से जीवनीय प्रक्रियाओं को बदलने और सुधारने का अध्ययन करते हैं। यह आपको उन्नत औषधीय उत्पादों, पर्यावरणीय संरक्षण तकनीकों, पौधों और पशुओं के संश्लेषण, और जीवनीय प्रक्रियाओं के लिए नवीनतम औद्योगिक अनुप्रयोगों की विकास प्रदान करता है।
यहां कुछ बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग के करियर ऑप्शंस हैं:
बायोप्रोसेस इंजीनियर: बायोप्रोसेस इंजीनियर जीवविज्ञान और इंजीनियरिंग के माध्यम से विभिन्न प्रक्रियाओं के विकास और अध्ययन करते हैं, जैसे कि जैव उत्पादों और औषधियों की उत्पादन प्रक्रियाओं के लिए बायोरिएक्टर, फर्माश्युटिकल कंपनियों में औद्योगिक प्रक्रियाओं के लिए नवीनतम तकनीकों के विकास आदि।
जीवनीय उत्पाद डिजाइनर: जीवनीय उत्पाद डिजाइनर नवीनतम बायोटेक्नोलॉजी तकनीकों का उपयोग करके नवीनतम औषधीय उत्पादों, जैव प्रौद्योगिकी उत्पादों, और पर्यावरणीय संरक्षण तकनीकों का डिजाइन करते हैं।
जीवविज्ञानी या जैवज्ञानी: जीवविज्ञानी या जैवज्ञानी जीवनीय प्रक्रियाओं के अध्ययन, उनके संश्लेषण और उनके विकास के लिए काम करते हैं। यह शामिल हो सकता है जैव प्रौद्योगिकी, जैव संरक्षण, उच्च प्रभावी खाद्य उत्पादन, और जीवनीय प्रणालियों के अध्ययन आदि।
जीवनीय प्रौद्योगिकी अनुसंधान वैज्ञानिक: जीवनीय प्रौद्योगिकी अनुसंधान वैज्ञानिक नवीनतम जीवनीय प्रक्रियाओं और उत्पादों के विकास के लिए अनुसंधान करते हैं। इसमें जीवविज्ञान, रसायन विज्ञान, बायोलॉजी और इंजीनियरिंग के तकनीकी माध्यम से विशेषजतथ्यों का उपयोग किया जाता है। ये वैज्ञानिक अनुसंधान, विकास और प्रोटोटाइपिंग के लिए काम कर सकते हैं।
2.Biomedical engineering :-
बायोमेडिकल इंजीनियरिंग एक रोमांचक करियर ऑप्शन है जो विज्ञान, इंजीनियरिंग, और मेडिकल विज्ञान को मिलाकर लागू होता है। इसमें इंजीनियरिंग के तकनीकी माध्यम से मेडिकल उपकरणों और संबंधित प्रणालियों के विकास, अध्ययन, निर्माण और उपयोग के लिए काम करना शामिल होता है। यह उपकरण और प्रक्रियाओं को विभिन्न मेडिकल और स्वास्थ्य सेटिंग्स में इस्तेमाल किया जाता है, जैसे कि अस्पताल, चिकित्सा उपकरण कंपनियां, वैद्यकीय अनुसंधान संगठन, और फार्मास्युटिकल कंपनियां।
यहां कुछ बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के करियर ऑप्शन हैं:
बायोमेडिकल उपकरण डिजाइन अभियंता: बायोमेडिकल उपकरण डिजाइन अभियंता नवीनतम मेडिकल उपकरणों और उपकरण संबंधित प्रणालियों का डिजाइन और विकास करते हैं। ये उपकरण रचनात्मक और नवाचारी तकनीकों का उपयोग करते हैं जो रोगी देखभाल और निदान को सुगम और प्रभावी बनाते हैं।
बायोमेडिकल संचार अभियंता: बायोमेडिकल संचार अभियंता नवीनतम संचार तकनीकों का उपयोग करके मेडिकल संबंधित प्रणालियों के विकास में काम करते हैं। इसमें मेडिकल इंस्ट्रुमेंट्स के लिए वायरलेस नेटवर्क, संबंधित डेटा की सुरक्षा, चिकित्सा जानकारी प्रबंधन, और मरीज संपर्क के लिए संचार प्रणाली का विकास शामिल होता है।
बायोसेंसर अभियंता: बायोसेंसर अभियंता बायोसेंसर तकनीकों के विकास और अध्ययन के लिए काम करते हैं। ये तकनीक विभिन्न रोगों की चिकित्सा और डायग्नोस्टिक दृष्टिकोण से आवश्यक जानकारी प्रदान करती हैं। उन्हें बायोलॉजिकल प्रणालियों को डिजाइन, प्रोटोटाइप करने और उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए काम करना पड़ता है।
मेडिकल इंजीनियरिंग अभियांत्रिकी: मेडिकल इंजीनियरिंग अभियांत्रिकी विभिन्न मेडिकल उपकरणों के डिजाइन, विकास, निर्माण, और प्रबंधन के लिए काम करती है। इसमें उपकरणों की उत्पादन प्रक्रिया, इंजीनियरिंग निर्माण और संचालन, और उपकरण सुरक्षा का मूल्यांकन शामिल होता है।
3. MBBS:
ये कोर्स उनके लिए है जिन्होंने अपने इंटर में जीवविज्ञान सब्जेक्ट को वरीयता दी है । ये इस फील्ड का सबसे अच्छा ग्रॅजुएशन कोर्स है । इसका फूल फॉर्म होता है (bachelor of medicine and bachelor of surgery)। ये सब मिलाकर 5 साल 5 महीने का कोर्स होता है । इसे चिकित्सा स्नातक भी कहते है । इस कोर्स को पूरा करने के बाद, छात्रों को एक मेडिकल डिग्री प्राप्त होती है, जिसे "डॉक्टर" के रूप में पहचाना जाता है।
MBBS कोर्स के दौरान छात्रों को मूल चिकित्सा विज्ञान, रोग-ज्ञान, सर्जरी, फार्माकोलॉजी, पैथोलॉजी, मानसिक स्वास्थ्य, पीडियाट्रिक्स, गर्भावस्था, जन्म और स्त्री स्वास्थ्य, चिकित्सा रेडियोलॉजी, चिकित्सा निदान, चिकित्सा चिकित्सा, सार्जरी और अन्य विषयों में ज्ञान प्राप्त होता है।
MBBS के पश्चात छात्रों को चिकित्सा प्रशिक्षण के लिए अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों में संशोधन कार्यक्रम पूरा करना होता है। इसके बाद, छात्रों को चिकित्सा परीक्षा पास करनी होती है ताकि वे डॉक्टर के रूप में प्राधिकार प्राप्त कर सकें और रोगियों की देखभाल, उपचार और रोग निदान कर सकें। MBBS के पश्चात छात्रों को विशेषज्ञता प्राप्त करने के लिए विभिन्न चिकित्सा विभागों में पोस्ट ग्रेजुएशन अध्ययन करना होता है। ये विशेषज्ञता क्षेत्रों में न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, उपचारी चिकित्सा, ग्राहकी और कानूनी मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स, रेडियोलॉजी, सर्जरी, और अन्य विषय शामिल हो सकते हैं।
4. Dermatologist:
डर्मेटोलॉजिस्ट वे चिकित्सा विशेषज्ञ होते हैं जो त्वचा, बाल, और नाखूनों के संबंधित रोगों का निदान, उपचार, और देखभाल करते हैं। वे त्वचा संबंधी समस्याओं को ट्रीट करने में विशेषज्ञता प्राप्त करते हैं, जैसे कि मस्तिष्कमण्डल का कैंसर, चर्म रोग, सुन बून, नंगी नखून या गंजापन।डर्मेटोलॉजिस्ट एक चिकित्सा उपविभाग के तहत काम करते हैं और निम्नलिखित क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्राप्त कर सकते हैं:-
कॉस्मेटिक डर्मेटोलॉजी: कॉस्मेटिक डर्मेटोलॉजिस्ट त्वचा से संबंधित सौंदर्य और परिष्कार के मामलों में विशेषज्ञ होते हैं। वे त्वचा के साथ संबंधित समस्याओं को ट्रीट करते हैं जैसे कि उम्र के लक्षणों को रोकना, डर्मल फिलर्स और बोटॉक्स इंजेक्शन के माध्यम से चेहरे को समृद्ध करना, त्वचा के निर्माण को बढ़ाना आदि।
क्लीनिकल डर्मेटोलॉजी: क्लीनिकल डर्मेटोलॉजिस्ट सामान्य त्वचा और बाल से संबंधित विभिन्न समस्याओं का निदान और उपचार करते हैं। इसमें मस्तिष्कमण्डल के कैंसर, एक्जिमा, एक्ने, सोरायसिस, रोगियों के साथ संबंधित चिकित्सा उपचार, त्वचा संक्रमण, और वायरल चिकित्सा शामिल होती है।
लेजर डर्मेटोलॉजी: लेजर डर्मेटोलॉजिस्ट त्वचा के समस्याओं के निदान और उपचार के लिए लेजर तकनीकों का उपयोग करते हैं। वे त्वचा के मस्तिष्कमण्डल के बेनाइन या कैंसरसंबंधी लेसियन्स, त्वचा की सफाई, चेहरे के निशान, त्वचा उद्गमन विकार, और बाल समस्याओं को ट्रीट करते हैं।
पेडियाट्रिक डर्मेटोलॉजी: पेडियाट्रिक डर्मेटोलॉजिस्ट बच्चों की त्वचा से संबंधित समस्याओं का निदान, उपचार, और देखभाल करते हैं। इसमें चिलडहुड एक्ने, अत्यधिक पसीना,त्वचा की संक्रमण, बालों की समस्याएं, एक्जिमा,एलर्जी, छाला, त्वचा के निशान, अत्यधिक गर्मी और जलन, त्वचा के रंग में बदलाव, बच्चों की त्वचा के विकार आदि शामिल होते हैं।
PHARMACY :-
इसके अंतर्गत आपको दवा का रख रखाव, दवा की पहचान इत्यादि के बारे में बताया जाता है । फार्मासिस्ट का काम बहुत ही जिम्मेदारी भरा होता है। फार्मासिस्ट का काम दवाओं का वितरण और प्रबंधन करना है और ग्राहकों को उचित दवा उपलब्ध करना होता है। फार्मेसी एक महत्वपूर्ण चिकित्सा विज्ञान क्षेत्र है जो दवाओं, औषधियों, और फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स के विकास, निर्माण, और विपणन के संबंध में काम करता है। फार्मेसिस्ट दवाओं के उपयोग, डोज, संक्रमण, दुष्प्रभाव, और उपयोग के बारे में विशेषज्ञता प्राप्त करते हैं और रोगियों को सही औषधि का उपयोग करने में मदद करते हैं।
फार्मेसी के कई करियर ऑप्शंस होते हैं, जिनमें से कुछ निम्नलिखित हैं:-
अस्पताल फार्मेसिस्ट: अस्पताल फार्मेसिस्ट अस्पतालों में काम करते हैं और रोगियों को उचित औषधि और उपयोग के बारे में सलाह देते हैं। वे विभिन्न विभागों के साथ सहयोग करते हैं, औषधियों की आपूर्ति और व्यवस्था का प्रबंधन करते हैं, और औषधि संबंधी जानकारी को रोगियों के साथ साझा करते हैं।
औषध विक्रेता: औषध विक्रेता औषधियों के विपणन और बिक्री में काम करते हैं। वे औषधियों की आपूर्ति, गुणवत्ता नियंत्रण, और ग्राहकों के साथ संबंध सुनिश्चित करते हैं। इसके अलावा, वे ग्राहकों को औषधियों के उपयोग और संक्रमण के बारे में सलाह देते हैं।
फार्मास्युटिकल रिसर्च अभियंता: फार्मास्युटिकल रिसर्च अभियंता नई दवाओं और औषधियों के विकास और अध्ययन में काम करते हैं। इसमें उपयोगकर्ता की आवश्यकताओं के अनुसार औषधियों के संरचना, संयोजन, और प्रयोग के लिए नवाचारी तकनीकों का उपयोग किया जाता है।
6.Physiotherapist :
फिजियोथेरेपिस्ट का मतलब है व्यायाम के माध्यम से लोगो के दर्द को सही करना। कमर का दर्द, गर्दन का दर्द, जोड़ों और घुटने में दर्द बहुत ही आम बात है लोगो को फिजियोथेरेपिस्ट के पास जाना पड़ता है अपने दर्द से निजात पाने के लिए। फिजियोथेरेपिस्ट (Physiotherapist) एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ होता है जो मानव शरीर के चिकित्सा और पुनर्स्थापना के लिए व्यायाम, इलाजी योजना और बाहरी उपचार का उपयोग करता है। फिजियोथेरेपिस्ट का मुख्य काम रोगी के शारीरिक क्षमता, चालन शक्ति, मोटापन और दर्द को पुनर्स्थापित करने में मदद करना होता है। यह स्वास्थ्य सेवाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और यह चिकित्सा, रिहाबिलिटेशन और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में व्यापक रूप से प्रयोग होता है।
फिजियोथेरेपी के कुछ प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं:
1.मासिक हार्मोन के विकार या प्रशामक रोगों का उपचार
2.अकाइडिक रोगों का उपचार
3.दिल की समस्याओं के उपचार
4.स्पोर्ट्स इंजरी के उपचार और खेलों में प्रदर्शन को बेहतर बनाना
7. Molecular Biology :
मॉलिक्यूलर बायोलॉजी भी जीव विज्ञान की ही एक शाखा है जिसमे आणविक स्तर पर जीवों की संरचना के बारे में और उनके कार्य के बारे में एक शोध और अध्ययन कराया जाता है।
मॉलिक्यूलर बायोलॉजी वह शाखा है जो जीवविज्ञान का विशेष अध्ययन करती है और जीवों के जीवन प्रक्रियाओं, संरचनाओं और उपकरणों को मॉलिक्यूलर स्तर पर समझने का प्रयास करती है। इसका मुख्य ध्येय है जीवनीय प्रक्रियाओं को मॉलिक्यूलर स्तर पर समझने के लिए जीवों के जीवन रहस्य को विश्लेषण करना।
मॉलिक्यूलर बायोलॉजी के अध्ययन में विभिन्न तकनीकें उपयोग की जाती हैं, जैसे कि डीएनए प्रौद्योगिकी, प्रोटीन प्रौद्योगिकी, जीन एक्सप्रेशन अध्ययन, मोलेक्युलर इंटरेक्शन और जीविका प्रवाह विश्लेषण। ये तकनीकें मॉलिक्यूलर स्तर पर जीवों के अभिक्रियाओं और संरचनाओं की समझ में मदद करती हैं।
आणविक जीवविज्ञान का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में होता है, जैसे नई दवाओं का विकास, जीन थेरेपी, जीनोमिक्स, जैवप्रौद्योगिकी, जीवाणु और रोग विज्ञान, वनस्पति बायोलॉजी, संरक्षण जीवविज्ञान, आणविक डायग्नोस्टिक्स, आदि। आणविक जीवविज्ञान नवीनतम तकनीकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और इसे वैज्ञानिकों को जीवनीय संबंधों को अधिक समझने और उन्हें संशोधित करने के लिए उन्नत और आधुनिक उपकरणों का निर्माण करने में मदद मिलती है।
8. Psychologist:
मनोवैज्ञानिक बनने के लिए छात्र को पीसीबी साइंस स्ट्रीम से 12 वीं कक्षा करने के बाद आप मनोविज्ञान में स्नातक की डिग्री (बीए या बीएस) के लिए जा सकते हैं, उसके बाद मनोविज्ञान में अपनी पोस्ट-ग्रेजुएशन करें उसके बाद आप पीएचडी करने के बाद डॉक्टरेट सकते हैं।मनोवैज्ञानिक अपने अध्ययन के आधार पर व्यक्ति को समझने, संबंधों को सुधारने, स्वयं-प्रगति को प्रोत्साहित करने, और उनकी मानसिक समस्याओं का समाधान ढूंढने में मदद करते हैं।
वे अक्सर मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल के लिए व्यक्ति के साथ अन्य चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ सहयोग करते हैं और मानसिक विकास को समर्थन करने के लिए सामाजिक प्रोग्राम और नीतियों का विकास करते हैं।
9. Horticulture:
आजकल आर्गेनिक खेती का बहुत ज्यादा चलन हो गया है। लोग बिना फ़र्टिलाइज़र वाली सब्जी फल लेना पसंद कर रहे है क्युकी सभी लोग अब अपनी सेहत को लेकर काफी चिंतित रहते है। अगर आपको भी बागबानी में इंटरेस्ट है तो आप भी अपना करियर इसमें बना सकते है। यह एक विज्ञान है जो पौधों के संगठन, पालन, उत्पादन और प्रबंधन के लिए प्रयोग होती है। हॉर्टिकल्चर में पौधों की प्रजातियों, उनकी विकास प्रक्रियाओं, उपयोगिताओं, खाद्यतंत्र, पौधों के रोगों और कीटों के नियंत्रण, बागवानी, लैंडस्केप डिजाइन, वृक्षारोपण, और मूल्यवान फूल, फल और सब्जियों के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
हॉर्टिकल्चर खाद्य सुरक्षा, वातावरणीय संतुलन, प्राकृतिक संसाधनों के सम्पादन, और मनोहारी परिदृश्यों का निर्माण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके अलावा, हॉर्टिकल्चर मानवीय आनंद और मनोरंजन के लिए भी महत्वपूर्ण है, जैसे कि वनस्पति उद्यान, फूलों की प्रदर्शनी, पार्क और मनोहारी बागवानी।
10. PHARM D :
इस कोर्स के तहत आपको दवाओं को तैयार करना बताया जाता है ये 6 साल का कोर्स है PHARM D का हिंदी में अर्थ होता है "फार्म डोक्टर ऑफ फार्मेसी"। PHARM D एक पेशेवर डिग्री है जो दवाइयों के विज्ञान और उपयोग के क्षेत्र में विशेषज्ञता प्रदान करती है। PHARM D कोर्स में छात्रों को दवाइयों के विकास, उत्पादन, प्रबंधन, और उपयोग के प्रमुख आयामों का अध्ययन करने का मौका मिलता है।
इसमें कुल 6 विषय पढ़ने पड़ते है स्टूडेंट्स को। इसमें अगर आप सरकारी कॉलेज में एड्मिशन लेते है तो इसकी फीस 10 से 15 हजार रुपए लगेगी ,वही अगर आप किसी प्राइवेट कॉलेज में जाना चाहते है तो आपको 40 से 50 हजार रुपए फीस लग सकती है। इसे करने के बाद आपको सरकारी तथा प्राइवेट दोनों सेक्टर में नौकरी के समान अवसर दिए जाते है।
11.Nursing:
नर्सिंग का कोर्स भी काफी बच्चे 12th के बाद ज्वाइन करते है। नर्सेज की डिमांड तो हमेशा से ही रहती है ककी नर्स की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। नर्स बनने के लिए बहुत सी योग्यताओं का होना बहुत जरुरी है। डॉक्टर के बाद नर्स की भूमिका सबसे जरुरी होती है।
नर्स को रोगी का इलाज करनी सके साथ साथ डॉक्टर के साथ ऑपरेशन में भी रहना पड़ता है।
नर्सिंग कोर्स का पाठ्यक्रम मानव रोग विज्ञान, रसायन विज्ञान, फार्माकोलॉजी, मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक विज्ञान, आयुर्विज्ञान, रोग प्रबंधन, संगठनिक बहुदली, नर्सिंग देखभाल, महिला स्वास्थ्य, बाल स्वास्थ्य, सामुदायिक स्वास्थ्य, और नर्सिंग रिसर्च जैसे विषयों पर विवरण प्रदान करता है।
12. B Pharm (Bachelor in Pharmacy) :
यह डिग्री भी आजकल काफी चलन में है इस डिग्री में दवाइयों से जुड़ी हर बारीकी को सिखाया जाता है समय के साथ यह डिग्री भी खूब लोकप्रिय हो रही है। यह 4 साल का कोर्स है। B.Pharm करने के बाद छात्र M.Pharm भी कर सकते है और अपने पैकेज में बढ़ोत्तरी कर सकते है। B.Pharm में आपको जहां शुरुआत में साल में मात्र 2 लाख के आसपास पैसे मिलेंगे वहीं जैसे जैसे आपका अनुभव बढ़ेगा यह पैकेज भी बढ़ेगा। इसके अलावा M.Pharm करने के बाद आप अपनी सैलरी में कुछ और रुपये जुड़वा सकते है।B.Pharm कोर्स की अवधि चार वर्ष होती है और इसके दौरान छात्रों को फार्मासी सेक्टर और फार्मेसी प्रैक्टिस के लिए तैयार किया जाता है। यह कोर्स दवाओं के विज्ञान, दवा की खोज और विकास, उत्पादन, वितरण, और दवाओं के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग के बारे में छात्रों को एक संपूर्ण समझ प्रदान करता है।
FAQ – 12th Ke Baad Kya Kare Science Student
12वीं साइंस के बाद क्या करें ?
Ans- Maths वाले छात्रों के लिए कुछ करियर ऑप्शंस :-
आप B.Sc.(Math) कर सकते हैं
आप Engineering कर सकते हैं
आप B.C.A कर सकते हैं
आप ( Commercial Pilot ) कर सकते हैं
आप ( Bachelor of Architecture ) कर सकते हैं
आप ( Merchant Navy ) कर सकते हैं
आप ( B.Pharma ) कर सकते हैं, इत्यादि |
Biology वाले छात्रों के लिए कुछ करियर ऑप्शंस :-
Nursing
PHARM D
Horticulture
Physiotherapist
Molecular Biology
PHARMACY , इत्यादि |
Note -
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